अखण्ड सनातन समिति🚩🇮🇳

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क्रमांक=०६

🕉️सनातन धर्म का इतिहास जानो🕉️

🛕माँ हरसिद्धि मंदिर (उज्जैन) म.प्र. ⛳

🔶51 फीट ऊंचे 2 दीप स्तंभों को जलाने में लगता है 60 लीटर तेल और 4 किलो रुई 2 वर्ष पहले 51 फीट ऊंचे 2 दीप स्तंभों को जलाने में लगता है 60 लीटर तेल और 4 किलो रुई|

🔶मध्य प्रदेश के उज्जैन में हरसिद्धि मंदिर है जो माता के 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि इस स्थान पर देवी सती की कोहनी गिरी थी। मंदिर प्रांगण में स्थापित 2 दीप स्तंभ। ये दीप स्तंभ लगभग 51 फीट ऊंचे हैं। दोनों दीप स्तंभों में मिलाकर लगभग 1 हजार 11 दीपक हैं। मान्यता है कि इन दीप स्तंभों की स्थापना उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य ने करवाई थी।

🔶विक्रमादित्य का इतिहास करीब 2 हजार साल पुराना है। इस दृष्टिकोण से ये दीप स्तंभ लगभग 2 हजार साल से अधिक पुराने हैं

🔶उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य माता हरसिद्धि के परम भक्त थे। किवदंती है कि हर बारह साल में एक बार वे अपना सिर माता के चरणों में अर्पित कर देते थे, लेकिन माता की कृपा से पुन: नया सिर मिल जाता था।

🔶बारहवीं बार जब उन्होंने अपना सिर चढ़ाया तो वह फिर वापस नहीं आया। इस कारण उनका जीवन समाप्त हो गया। आज भी मंदिर के एक कोने में 11 सिंदूर लगे रुण्ड पड़े हैं। कहते हैं ये उन्हीं के कटे हुए मुण्ड हैं।




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